भोजशाला पर हाईकोर्ट के बाद श्रद्धालुओं में उत्साह; सुबह से गूंज रहे जयकारे और हनुमान चालीसा
डेस्क टीम. भोजशाला को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के ऐतिहासिक फैसले के बाद हिंदू समाज में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। अदालत ने भोजशाला परिसर को मां सरस्वती का मंदिर मानते हुए हिंदू पक्ष को यहां नियमित पूजा-अर्चना का अधिकार दे दिया है।
फैसले के बाद शनिवार सुबह से ही भोजशाला परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे, जहां धार्मिक विधि-विधान के साथ मंत्रोच्चार, आरती और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। पूरे परिसर में जय श्रीराम और मां वाग्देवी के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि भोजशाला का धार्मिक स्वरूप मंदिर का है और यह स्थान मां सरस्वती को समर्पित है। अदालत ने हिंदुओं को यहां प्रतिदिन और पूरे समय पूजा करने की अनुमति दी है। इसके साथ ही मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार के दिन नमाज की दी गई पूर्व अनुमति भी रद्द कर दी गई है।
कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि लंदन के संग्रहालय में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा को भारत वापस लाने के लिए केंद्र सरकार जरूरी कदम उठाए। फैसले के बाद हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं ने इसे आस्था की जीत बताया है।

वहीं दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है। हालांकि फैसले के बाद फिलहाल धार में उत्साह और जश्न का माहौल बना हुआ है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। भोजशाला परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस बल लगातार निगरानी बनाए हुए है ताकि किसी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने।










